Posts

Showing posts from February, 2025

पर्यावरण के प्रति जागरूक ब्राज़ीलियाई प्रशासन

 नेमार पर यह जुर्माना  ब्राजील के मंगारतिबा शहर  में स्थित उनकी  लक्जरी हवेली  के निर्माण में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के कारण लगाया गया। मुख्य कारण: पर्यावरणीय क्षति:  निर्माण के दौरान  मिट्टी, चट्टान और रेत का अवैध रूप से इस्तेमाल  किया गया, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा। जल स्रोतों पर प्रभाव:  निर्माण कार्य में  ताजे पानी के स्रोतों  को अवैध रूप से मोड़ा गया। बिना अनुमति के निर्माण:  प्रशासन के अनुसार, नेमार ने इस परियोजना के लिए आवश्यक  आवश्यक परमिट नहीं लिए थे । जुर्माने की तारीख और राशि: जुलाई 2023  में यह मामला सामने आया था, जिसके बाद नेमार पर  लगभग 3.3 मिलियन डॉलर (27 करोड़ रुपये)  का जुर्माना लगाया गया। स्थानीय अधिकारियों ने निर्माण कार्य रोकने के आदेश दिए थे , लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेमार ने इसके बावजूद वहां  पार्टी आयोजित की और झील में स्नान भी किया , जिससे मामला और गंभीर हो गया। अधिकारियों की कार्रवाई: प्रशासन ने नेमार की संपत्ति की  घेराबंदी कर दी  और...

भारत में लगने वाला ऐसा मेला जहॉं चुन सकते हैं अपनी पसंद की लड़की और कर सकते हैं प्रेम विवाह

  भगोरिया मेले की शुरुआत का सटीक ऐतिहासिक वर्ष स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन माना जाता है कि इसकी परंपरा 500 से 700 साल पुरानी है। यह मुख्य रूप से मालवा और निमाड़ क्षेत्र में रहने वाले भील और भिलाला जनजातियों द्वारा मनाया जाता है । इतिहास और उत्पत्ति ऐसा माना जाता है कि यह मेला भील राजा भगीरथ द्वारा शुरू किया गया था, जिन्होंने इसे फसल कटाई के उत्सव के रूप में मनाना शुरू किया था। कुछ ऐतिहासिक मतों के अनुसार, इसकी परंपरा मुगलकाल से पहले की है, जब भील राजा और उनके वंशज इसे मनाते थे। यह उत्सव पहले केवल पारंपरिक मेलों के रूप में होता था, लेकिन समय के साथ यह प्रेम विवाह की परंपरा से भी जुड़ गया। भगोरिया मेला मध्य प्रदेश के मालवा और निमाड़ क्षेत्र (मुख्यतः झाबुआ, धार, बड़वानी, अलीराजपुर) में मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध पारंपरिक मेला है। यह होली से पहले आयोजित किया जाता है और भील तथा भावसिंह जनजातियों का महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। भगोरिया मेले की खासियतें प्रेम और विवाह का मेला: इस मेले को प्रेम और विवाह से जोड़कर देखा जाता है। यहां युवक-युवतियां पारंपरिक परिधानों में सज...

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा की सम्पूर्ण जानकारी

आयु सीमा (Age Limit) उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षाओं के लिए आयु सीमा निम्नानुसार है: सामान्य श्रेणी : न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष। आरक्षित श्रेणियों के लिए आयु में छूट प्रदान की गई है: उत्तर प्रदेश के अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) : अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट, अर्थात् 45 वर्ष तक। उत्तर प्रदेश के दिव्यांग उम्मीदवार : अधिकतम आयु सीमा में 15 वर्ष की छूट, अर्थात् 55 वर्ष तक। उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व सैनिक : जिन्होंने न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा की हो, उन्हें अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट। उत्तर प्रदेश के राज्य सरकार के कर्मचारी, आपातकालीन कमीशंड अधिकारी, शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारी : अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट। उत्तर प्रदेश के सूचीबद्ध खेलों के कुशल खिलाड़ी : अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट। अधिक जानकारी के लिए, कृपया UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट या नवीनतम अधिसूचनाओं की जाँच करें। राष्ट्रीयता (Nationality)- उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना चाहिए। नेपाल, भूटान या तिब्बत से आए शरणार्थी जो भारत म...